छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक भी करें आत्म चिंतन

पत्रकारिता संस्थान में मनाया गया शिक्षक दिवस

Shivansh Jha
3 Min Read
Highlights
  • गुरु सिर्फ ज्ञान नहीं, जीवन मूल्यों के भी संवाहक” – बीयू में शिक्षक दिवस पर छात्रों ने जताया आभार।
  • विद्यार्थियों ने कहा – “गुरुजनों का मार्गदर्शन अमूल्य है, जो जीवन भर दिशा देता है।”
  • डॉ. कौशल त्रिपाठी: “छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करना शिक्षकों की जिम्मेदारी भी है।”
  • बदलते मीडिया परिदृश्य में शिक्षकों की भूमिका पर डॉ. राघवेंद्र व उमेश शुक्ला ने रखे विचार।

झाँसी। भास्कर जनसंचार में पत्रकारिता संस्थान, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झाँसी में बी.ए. (एमसीजे) एवं एम.ए. (एमसीजे) के विद्यार्थियों द्वारा शिक्षक दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर छात्रों ने अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट की।


                  डॉ. कौशल त्रिपाठी

छात्रों की उपस्थिति पर भी शिक्षकों को करना होगा आत्मचिंतन

संस्थान के समन्वयक डॉ. कौशल त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका दायित्व यह भी है कि वे ऐसा माहौल तैयार करें जिससे छात्र कक्षाओं की ओर आकर्षित हों। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को भी आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है।

 

 


                      डॉ. राघवेंद्र

बदलते मीडिया परिदृश्य में जिम्मेदारी और बढ़ी: डॉ. राघवेंद्र

डॉ. राघवेंद्र ने अपने संबोधन में कहा कि मीडिया उद्योग तेज़ी से बदल रहा है। नई तकनीकें और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पत्रकारिता को नए आयाम दे रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे छात्रों को न केवल तकनीकी दक्षता प्रदान करें, बल्कि उन्हें नैतिकता और पेशेवर मूल्यों से भी जोड़ें।

 


                     डॉ. उमेश शुक्ला

विद्यार्थी-शिक्षक का सामूहिक प्रयास ही देगा नई दिशा: उमेश शुक्ला

वरिष्ठ प्राध्यापक उमेश शुक्ला ने कहा कि पत्रकारिता जैसे संवेदनशील क्षेत्र में शिक्षक और विद्यार्थी दोनों की साझी भूमिका है। अगर दोनों मिलकर ईमानदारी और समर्पण से काम करें, तो समाज को रचनात्मक और सकारात्मक पत्रकारिता मिल सकती है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि गुरुजन दिशा दिखाते हैं और विद्यार्थी उसे कर्मक्षेत्र में उतारते हैं।

 

 


छात्रों की भागीदारी और गुरुजनों का मार्गदर्शन

इस अवसर पर छात्रों ने भी अपने विचार रखे। आकाश रॉबर्ट, उत्कर्ष और अन्य साथियों ने शिक्षकों को धन्यवाद देते हुए अनुभव साझा किए और बताया कि गुरुजनों का मार्गदर्शन उनके जीवन में अमूल्य है। कार्यक्रम का शुभारंभ बृजेन्द्र बुधौलिया के स्वागत भाषण से हुआ और कुश यादव ने संयोजन करते हुए इसे आगे बढ़ाया। समापन शोध छात्र देवेंद्र सिंह द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

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