झांसी में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) की पहली शिफ्ट शनिवार सुबह शुरू हो गई। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश देने से पहले कड़ी सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा। मेटल डिटेक्टर से चेकिंग और प्रवेश पत्रों का मिलान करने के बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया गया। दो दिन चलने वाली इस परीक्षा की पहली पाली में 17,904 परीक्षार्थी शामिल हुए।
जिले में 6 और 7 सितंबर को 39 परीक्षा केंद्रों पर चार शिफ्टों में परीक्षा आयोजित हो रही है। इसमें कुल 71,616 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। हर शिफ्ट में 17,904 परीक्षार्थियों को बैठाया जा रहा है। सुबह की पाली 10 से 12 बजे और दोपहर की पाली 3 से 5 बजे तक होगी।
प्रशासन की सख्ती
परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण बनाने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी की है। जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने साफ कहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास 500 मीटर की परिधि में फोटोस्टेट, पीसीओ और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट की दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लाउडस्पीकर जैसी तेज आवाज वाले यंत्रों पर भी रोक लगाई गई है।
रेलवे और बस स्टैंड पर भीड़
झांसी स्टेशन पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। कई परीक्षार्थी एक दिन पहले ही शहर पहुंच गए ताकि समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें। झांसी से प्रयागराज और अन्य जिलों की ओर जाने वाले परीक्षार्थी भी स्टेशन पर नजर आए। रेलवे ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 5 स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं।
डीएम ने रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुंचने में दिक्कत न हो। परिवहन विभाग को भी अतिरिक्त बसें चलाने के आदेश दिए गए हैं।
अभ्यर्थियों की परेशानी
प्रयागराज से आए कई अभ्यर्थी झांसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर ही रात गुजारते नजर आए। उन्होंने बताया कि होटलों में ठहरने के लिए भारी रकम मांगी जा रही है। कुछ ने कहा कि वे डोरमेट्री में 200–300 रुपये खर्च कर रात बिताना चाहते थे, लेकिन कई जगह हजार रुपये तक मांगे गए, इसलिए उन्हें प्लेटफॉर्म पर ही रुकना पड़ा।
कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र दूर बनाए जाने पर सवाल उठाए और कहा कि नकल रोकने का उपाय प्रशासनिक स्तर पर होना चाहिए। वहीं, अन्य का कहना था कि प्रयागराज से झांसी तक ट्रेनों की संख्या बेहद कम है, जिससे उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई परीक्षार्थियों ने दो-दो ट्रेनें बदलकर झांसी पहुंचने की बात कही।
