झांसी, 05 सितंबर 2025: झांसी पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। छत्तीसगढ़ से सूटकेस में 12.238 किलोग्राम अवैध गांजा लाकर झांसी में डिलीवरी करने वाले दो तस्करों सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। तस्करी का मास्टरमाइंड मुकेश करिया उर्फ मुकेश अहिरवार अभी फरार है, और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

740 किलोमीटर का सफर, बस से की तस्करी
पुलिस के अनुसार, सकरार निवासी सुरेंद्र अहिरवार उर्फ संगम और मनीष अहिरवार, दोनों छत्तीसगढ़ के रायपुर से गांजा लेकर बस के जरिए झांसी पहुंचे। तस्करी के लिए ट्रेन के बजाय बस का उपयोग किया गया, क्योंकि ट्रेनों में प्लेटफार्म पर बैग चेकिंग की आशंका रहती है। मास्टरमाइंड मुकेश करिया ने दोनों को 10 हजार रुपये का लालच देकर गांजा लाने का काम सौंपा था। गांजा ट्रॉली बैग में छिपाया गया था, ताकि यह सामान्य कपड़ों का बैग लगे।
डिलीवरी के दौरान पुलिस की दबिश
गुरुवार को सुरेंद्र और मनीष झांसी के कानपुर चुंगी से भगवंतपुरा रोड पर एक सुनसान जगह पर डिलीवरी के लिए इंतजार कर रहे थे। मुकेश ने अपने भतीजे अभिषेक अहिरवार को डिलीवरी लेने भेजा। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मौके पर दबिश दी और तीनों आरोपियों—सुरेंद्र, मनीष, और अभिषेक—को गिरफ्तार कर लिया। दोनों सूटकेस से 12.238 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया।
मास्टरमाइंड मुकेश करिया फरार
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मुकेश करिया इस तस्करी का मास्टरमाइंड है। वह सुरेंद्र और मनीष को पैसे देकर गांजा तस्करी कराता था। सात दिन पहले उसने दोनों को रायपुर से गांजा लाने का आदेश दिया था। मुकेश खुद ट्रेन से झांसी पहुंचा, जबकि दोनों तस्कर बस से आए। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक आईफोन सहित तीन मोबाइल जब्त किए, जिनमें मुकेश के साथ चैट और ऑनलाइन पेमेंट के सबूत मिले।
माफी मांगने लगे आरोपी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी पुलिस के सामने गिड़गिड़ाने लगे और माफी मांगने लगे। पुलिस ने बताया कि जब दरोगा ने सूटकेस की जांच की, तो आरोपियों ने दावा किया कि उनमें कपड़े भरे हैं। लेकिन जांच में गांजा बरामद हुआ। पुलिस अब फरार मुकेश करिया की तलाश में छापेमारी कर रही है।
