इलाज के नाम पर किडनी निकालने का सनसनीखेज मामला।

कुशीनगर का किडनी कांड, अस्पताल संचालक फरार – पुलिस जांच में जुटी।

Harsh vishwakarma
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कुशीनगर के निजी अस्पताल पर केस दर्ज, संचालक फरार, अस्पताल सील

कुशीनगर। यूपी के कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कोटवा बाजार स्थित न्यू लाइफ केयर हॉस्पिटल में इलाज के नाम पर मरीज की किडनी निकालने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर एसपी ने मामले की जांच कराई और रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल संचालक व दलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

केस दर्ज होते ही अस्पताल संचालक अस्पताल बंद कर फरार हो गया। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो अस्पताल में ताला लटका मिला। इसके बाद टीम ने नोटिस चस्पा कर दिया।

कैसे सामने आया मामला

  • नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के रामपुर खुर्द उपाध्याय टोला निवासी अलाउद्दीन को अप्रैल माह में पेट दर्द हुआ।

  • महराजगंज के एक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड में किडनी में पथरी मिली।

  • महंगे इलाज से परेशान अलाउद्दीन को दलाल तार मोहम्मद मिला, जिसने सस्ते इलाज का लालच दिया।

  • दलाल उसे कोटवा बाजार स्थित न्यू लाइफ केयर हॉस्पिटल लेकर पहुंचा।

  • वहां अस्पताल संचालक इमामुद्दीन ने 14 अप्रैल को उसका ऑपरेशन किया।

  • ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज और फिर लखनऊ रेफर किया गया।

  • लखनऊ में जांच के दौरान सामने आया कि मरीज की एक किडनी गायब है।

एसपी की कार्रवाई

  • पीड़ित ने एसपी को शिकायत पत्र देकर पूरी घटना बताई।

  • एसपी ने प्रशिक्षु सीओ बसंत कुमार सिंह को जांच सौंपी।

  • जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल संचालक इमामुद्दीन और दलाल तार मोहम्मद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

  • पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर पीड़ित अलाउद्दीन का बयान भी दर्ज कर लिया है।

स्वास्थ्य विभाग की जांच

केस दर्ज होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल पहुंची, लेकिन वहां ताला बंद मिला।

टीम ने अस्पताल पर नोटिस चस्पा किया।

पूरे मामले की जांच एसीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी को सौंपी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या बोले सीएमओ

कार्यवाहक सीएमओ डॉ. बृजनंदन ने कहा,

किडनी निकालने का मामला बेहद गंभीर है। एसीएमओ को जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित अस्पताल और संचालक पर कड़ी कार्रवाई होगी।

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