वाराणसी में पार्किंग विवाद में सनबीम स्कूल के टीचर की हत्या

वाराणसी में पार्किंग विवाद बना जानलेवा, सनबीम स्कूल के टीचर की ईंटों से कूचकर हत्या

Harsh vishwakarma
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वाराणसी। भेलूपुर थाना क्षेत्र के कबीरनगर स्थित मातृ छाया अपार्टमेंट में गुरुवार रात पार्किंग विवाद के चलते सनबीम स्कूल के टीचर डॉ. प्रवीण झा (48) की हत्या कर दी गई। आरोपियों ने उन्हें फोन कर नीचे बुलाया और कार हटाने की बात कहकर झगड़ा शुरू किया। इसके बाद पहले लात-घूंसों से पीटा और फिर ईंट से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

घटना रात करीब 10:30 बजे हुई। अपार्टमेंट गार्ड रामलखन ने बताया कि प्रवीण झा वैगनआर कार से आए थे और गाड़ी पार्किंग में लगाकर फ्लैट में चले गए। थोड़ी देर बाद आदर्श सिंह नाम का युवक पहुंचा और कार को लेकर विवाद करने लगा। उसने अपने दो साथियों को बुलाया और प्रवीण झा को फोन कर नीचे बुलाया। कार हटाने को राजी होने के बावजूद तीनों आरोपियों ने शिक्षक से मारपीट शुरू कर दी। बचाने की कोशिश करने पर गार्ड को भी धकेल दिया गया।

अचेत अवस्था में गिरने के बाद टीचर को लाइफ हॉस्पिटल और फिर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि सिर पर गंभीर चोट लगने से जान गई।

सूचना पर एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। रात तीन बजे दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। आदर्श सिंह ने पूछताछ में स्वीकार किया कि घटना के समय वह नशे में था। शिक्षक की मौत की जानकारी मिलने पर आरोपी रो पड़ा और पुलिस से कहा – “मुझसे गलती हो गई, मैं माफी मांगता हूं।”

पुलिस को आरोपियों की कार से शराब की बोतलें और सिगरेट के पैकेट भी मिले हैं।

आरोपी और अपार्टमेंट का हाल

आरोपी आदर्श सिंह अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 202 में अकेला रहता था। उसके पिता डीआर सिंह बिहार कृषि विभाग में कार्यरत हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार आदर्श अक्सर अलग-अलग गाड़ियों से आता था और विवाद करता था।

मातृ छाया अपार्टमेंट में कुल 20 फ्लैट हैं, लेकिन पार्किंग सिर्फ 16 की है। इसी कारण आए दिन विवाद की स्थिति बनती रहती है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

डॉ. प्रवीण झा भगवानपुर स्थित सनबीम स्कूल में शिक्षक थे। वह पत्नी के साथ मातृ छाया अपार्टमेंट में रहते थे। तीसरे तल पर उनके दो फ्लैट हैं, जिनमें से एक में सास-ससुर रहते हैं। बड़ा बेटा आदित्य झा बेंगलुरु में नौकरी करता है और छोटा बेटा उदित झा देहरादून से एमबीए की %

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