झाँसी, 03 सितम्बर 2025।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी ऑडिटोरियम में आज एमएसएमई विकास आधारित राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस कार्यशाला का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश कुमार पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम का आयोजन एमएसएमई विकास कार्यालय कानपुर, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र झाँसी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और विभिन्न एसोसिएशन्स के संयुक्त सहयोग से किया गया।
उद्यमियों के लिए अवसर और चुनौतियों पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्यमियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
श्री विष्णु कुमार वर्मा, संयुक्त निदेशक, एमएसएमई विकास कार्यालय, कानपुर ने मुख्य अतिथि व अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को बड़े उद्योगों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि वृहद उद्योग स्थानीय स्तर पर MSME इकाइयों से प्रतियोगी दरों पर उत्पाद खरीद सकते हैं। साथ ही भारत सरकार की पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को अपनी कुल खरीद का 25% MSME इकाइयों से करना अनिवार्य है, जिसमें 4% अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग और 3% महिला उद्यमियों की इकाइयों से होगी।
“आत्मनिर्भर भारत के लिए सामूहिक प्रयास ज़रूरी” – कुलपति
प्रो. मुकेश कुमार पांडेय, कुलपति बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने युवाओं और उद्यमियों से आह्वान किया कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कम लागत में गुणवत्ता युक्त उत्पाद तैयार करें। साथ ही शिक्षा जगत में भी उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
एसोसिएशन्स और विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
- श्री धीरज खुल्लर, अध्यक्ष बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (BCCI), ने उद्यमियों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
- प्रो. सुनील काबिया, निदेशक, IQAC, ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विश्वविद्यालय और उद्योग जगत के बीच नए सहयोग की राह खोलती हैं।
- श्री मनीष चौधरी, उपायुक्त उद्योग, ने उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी दी, जिनमें फ्लैटेड फैक्ट्री प्रोजेक्ट्स, CETP, ZED और कैपिटल सब्सिडी शामिल हैं।
- श्री पी.एस. नबियाल (GAIL), श्री राजन जोशी (विदेश व्यापार महानिदेशालय), और श्री आलोक श्रीवास्तव (FIEO) ने उद्यमियों को निर्यात, योजनाओं और व्यापारिक अवसरों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक झाँसी ने मुद्रा लोन, स्टैंड-अप इंडिया और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) पर जानकारी दी। श्री जितेंद्र राय (SIDBI) ने स्टार्टअप और CGTMSE योजनाओं पर चर्चा की। श्री पुष्पेंद्र सूर्यवंशी (NSIC) ने SC-ST उद्यमियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं पर प्रकाश डाला। इस कार्यशाला में प्रदेश भर से आए 150 से अधिक उद्यमी एवं उनके प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन श्री नीरज कुमार, सहायक निदेशक ने किया और आभार व्यक्त श्री के.पी. शील, सहायक निदेशक एवं कार्यक्रम समन्वयक ने किया।यह कार्यशाला MSME क्षेत्र के लिए एक सशक्त मंच साबित हुई, जिसने न केवल उद्यमियों को योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी, बल्कि उद्योग, विश्वविद्यालय और वित्तीय संस्थानों के बीच सहयोग का नया मार्ग भी प्रशस्त किया |
