झांसी:
शिक्षा के क्षेत्र में झांसी के एक सरकारी स्कूल शिक्षक ने ऐसा अनोखा काम किया है, जिसने देश और दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। झांसी जिले के गरौठा क्षेत्र निवासी और गुरसराय ब्लॉक के राजापुर प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक मोहनलाल सुमन ने मात्र 2900 रुपए की लागत में ‘एआई सुमन मैडम’ नामक कृत्रिम शिक्षक (Artificial Teacher) विकसित किया है।
बच्चों को पढ़ाने का अनोखा तरीका
एआई सुमन मैडम एक ऐसा रोबोट है, जो बच्चों को पढ़ाता है, उनके सवालों का जवाब देता है और पढ़ाई को रोचक व मनोरंजक बनाता है। खास बात यह है कि यह रोबोट बोलते समय अपने होंठ हिलाता है, जिससे बच्चों को वास्तविक शिक्षक जैसा अनुभव होता है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर और सुलभ शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से मोहनलाल ने इसे तैयार किया है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान
मोहनलाल के इस इनोवेशन को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने मान्यता दी है। यही नहीं, प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका फोर्ब्स ने भी उनके कार्यों को सराहा है। शिक्षा विभाग और अन्य संस्थाओं ने भी उन्हें कई बार सम्मानित किया है। उनके इस नवाचार ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अगर संकल्प मजबूत हो तो शिक्षा की नई राहें खोली जा सकती हैं।
शिक्षा और नवाचार के पैरोकार
मोहनलाल सुमन सिर्फ एआई सुमन मैडम तक ही सीमित नहीं रहे हैं। उन्होंने कई अन्य इनोवेशन भी किए हैं, जिनका उद्देश्य बच्चों को आधुनिक ज्ञान और कौशल से जोड़ना है।
उनकी खास पहलों में शामिल हैं:
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निर्धन बच्चों के लिए ब्लैकबोर्ड एक्सप्रेस
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मूर्ति कला, पेंटिंग, रंगोली, मेहंदी और कुकिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ
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बच्चों को संगीत और एंकरिंग सिखाना
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चंद्रयान-3 के मॉडल के जरिए अंतरिक्ष की जानकारी देना
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युवाओं को मोबाइल एडिटिंग का प्रशिक्षण देना
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आत्मरक्षा के उपायों की ट्रेनिंग
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और नुक्कड़ नाटकों के जरिए सामाजिक कुरीतियों पर जागरूकता फैलाना
शिक्षा का नया आयाम
मोहनलाल का मानना है कि शिक्षा को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि बच्चों को नई तकनीक, रचनात्मकता और सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ना जरूरी है। उनका यह प्रयास न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई को आसान बना रहा है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और नई सोच भी विकसित कर रहा है।
झांसी के इस शिक्षक का यह प्रयास साबित करता है कि बड़ा बदलाव हमेशा बड़े शहरों से नहीं, बल्कि गांव और छोटे कस्बों से भी शुरू हो सकता है। ‘एआई सुमन मैडम’ केवल एक रोबोट नहीं, बल्कि हर उस बच्चे तक शिक्षा पहुँचाने का सपना है, जो आधुनिक साधनों से दूर है।
