हरदोई में ई-रिक्शा चालक की हत्या से सनसनी

परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर लगाया जाम; पुलिस ने हालात संभाले।

Harsh vishwakarma
3 Min Read

हरदोई शहर कोतवाली क्षेत्र के बिलग्राम मार्ग पर मंगलवार की शाम ई-रिक्शा चालक की धारदार हथियार से नृशंस हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 25 वर्षीय अंशुल यादव निवासी गुरगुज्जा के रूप में हुई, जिसका शव ई-रिक्शा की ड्राइविंग सीट पर पड़ा मिला। उसके सिर पर धारदार हथियार से गहरे घाव पाए गए, जिससे हत्या की आशंका पुख्ता हो गई।

जानकारी के अनुसार अंशुल अपनी मां शारदा देवी और भाई अनुज के साथ राधानगर में रहता था। वह किराये का ई-रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाता था। मंगलवार दोपहर वह अपने ममेरे भाई संदीप को आधार कार्ड संशोधन कराने ले गया था और शाम करीब साढ़े पांच बजे उसे घर छोड़ आया। इसके बाद उसने मां से कहा था कि एक घंटा और रिक्शा चलाकर लौटेगा। लेकिन शाम साढ़े सात बजे परिजनों को सूचना मिली कि उसका शव बिलग्राम रोड पर ई-रिक्शा में पड़ा है।

फॉरेंसिक जांच में भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। शव से करीब दस मीटर दूर सिर की हड्डियों के पांच टुकड़े और एक हाथ का अंगूठा मिला। पुलिस को आशंका है कि हत्या के दौरान अंशुल के साथ मौजूद कोई परिचित घायल हुआ होगा और अंगूठा उसी का हो सकता है। फिलहाल पुलिस उस व्यक्ति की तलाश में जुटी है।

हत्या की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और राइस मिल के पास हरदोई-बिलग्राम मार्ग पर जाम लगा दिया। इससे हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। मौके पर कोतवाल संजय त्यागी, सीओ अजीत चौहान और सीओ सिटी अंकित मिश्रा पुलिस बल के साथ पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया।

मृतक की मां शारदा देवी ने किसी से रंजिश होने से साफ इनकार किया है। अंशुल ने 2022 में बीए फाइनल किया था और करीब डेढ़ महीने से ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। सीओ अंकित मिश्रा ने बताया कि तहरीर प्राप्त कर ली गई है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

Share This Article
Leave a Comment