बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में दस दिवसीय हस्तशिल्प मेला शुरू

कुलपति ने दिया विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास का संदेश, युवाओं की भीड़ से गूंजा मेला परिसर

Shivansh Jha
2 Min Read

झांसी। बुंदेलखंड परिक्षेत्र के हस्तशिल्पियों को उद्यमिता, प्रशिक्षण, रोजगार और बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार के बुंदेलखंड मेगा क्लस्टर प्रोजेक्ट के अंतर्गत बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में दस दिवसीय हस्तशिल्प मेला सोमवार से शुरू हुआ। कुलपति प्रो. मुकेश पांडे ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर मेले का उद्घाटन किया।

थीमेटिक एक्ज़िबिशन–2025 के नाम से आयोजित यह मेला 24 सितंबर तक चलेगा। इसका आयोजन उत्तर प्रदेश राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास निगम लिमिटेड, लखनऊ के तत्वावधान में किया गया है। मेले में कारपेट, दरी, लकड़ी के खिलौने, पत्थर की मूर्तियां, जरी-जरदोजी, चमड़े के उत्पाद, सॉफ्ट टॉयज, चितेरी आर्ट, चंदेरी एंब्रायडरी, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, पेपर वर्क और डिजाइनर फ्रेम सहित विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं।

मेले के पहले दिन युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी। सर्वाधिक आकर्षण आर्टिफिशियल ज्वेलरी, डिजाइनर फ्रेम और कांच के खिलौनों के स्टॉल पर देखा गया। ललित कला संस्थान के शिक्षक एवं मेला संयोजक दिलीप कुमार ने बताया कि प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक मेला चलेगा, जिसमें हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री भी होगी।

उद्घाटन सत्र में कुलपति प्रो. पांडे ने विद्यार्थियों से कहा कि सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को अपने व्यक्तित्व का बहुआयामी विकास करने की सलाह दी और उम्मीद जताई कि यह मेला विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा।

इस अवसर पर ललित कला संस्थान और हिंदी विभाग के पोस्टरों का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. मुन्ना तिवारी ने किया। उद्घाटन समारोह में प्रो. एस.पी. सिंह, प्रो. डी.के. भट्ट, डॉ. विक्रम, डॉ. कौशल त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार उमेश शुक्ल, डॉ. जय सिंह, डॉ. राघवेन्द्र दीक्षित, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. श्वेता पांडे, डॉ. अचला पांडे सहित बड़ी संख्या में शिक्षक व छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे।

 

Share This Article
Leave a Comment