1400 से अधिक ऑनलाइन गेमिंग एप पर प्रतिबंध की तैयारी
नई दिल्ली। ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग एप पर नकेल कसने के लिए सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है। प्रस्तावित बिल के तहत अब केवल वही गेमिंग एप वैध होंगे, जिन्हें खेलने के लिए किसी प्रकार का शुल्क या पैसा नहीं देना पड़ेगा। सरकार पिछले चार–पांच सालों में 1400 से अधिक एप को प्रतिबंधित कर चुकी है, लेकिन कानून न होने से ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।
ड्रीम 11 जैसे एप पर असर
नए बिल के मुताबिक, किसी भी बैंक को ऑनलाइन गेमिंग के लिए ट्रांजेक्शन की अनुमति नहीं होगी। कई गेमिंग एप ऐसे हैं, जिनमें बेटिंग नहीं होती लेकिन खेलने से पहले शुल्क देना पड़ता है। ऐसे में क्रिकेट टीम बनाने वाला ड्रीम 11 जैसे लोकप्रिय एप भी प्रतिबंधित हो सकते हैं।
कारोबार पर बड़ा असर
फिलहाल भारत में ऑनलाइन गेमिंग का कारोबार 3.8 अरब डॉलर का है। इसमें से करीब 3 अरब डॉलर का कारोबार ऐसे एप्स से जुड़ा है, जिनमें किसी न किसी तरह का मनी ट्रांजेक्शन होता है। इस प्रस्तावित कानून के लागू होने पर इन एप्स पर प्रतिबंध से कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा। वहीं बड़े क्रिकेट स्टार और अन्य हस्तियों द्वारा ऐसे एप्स के प्रचार पर भी रोक लगेगी और उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
विदेशी एप पर भी कार्रवाई की मांग
गेमिंग सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार घरेलू स्तर पर संचालित एप्स को तो बैन कर देगी, लेकिन विदेश से चलने वाले एप्स पर भी कार्रवाई जरूरी है। ये एप सरकार को कोई टैक्स नहीं देते और भारतीयों का पैसा विदेशों में चला जाता है।
टैक्स स्लैब में बदलाव की तैयारी
वर्ष 2023 में सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया था। तब सरकार ने स्पष्ट किया था कि गेमिंग सही है या गलत, इसका फैसला बाद में होगा, लेकिन कंपनियों और खिलाड़ियों की कमाई पर टैक्स लगना जरूरी है। अब सूत्रों के अनुसार, जीएसटी के नए वर्जन में ऑनलाइन गेमिंग एप को 40 प्रतिशत स्लैब में रखने की तैयारी है। यानी आने वाले समय में ऑनलाइन गेमिंग पर 28 प्रतिशत की जगह 40 प्रतिशत जीएसटी लग सकता है।
