पूर्व विधायक दीप नारायण यादव के संभावित आत्मसमर्पण को लेकर सोमवार को कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। मोंठ थाना प्रभारी राजेश पाल के नेतृत्व में पुलिस बल और एसओजी टीम सुबह से ही कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में तैनात रही, लेकिन पूर्व विधायक आत्मसमर्पण करने नहीं पहुंचे।
बताया गया कि मोंठ थाने में पूर्व विधायक दीप नारायण यादव के खिलाफ डकैती, रंगदारी समेत कई गंभीर धाराओं में नामजद प्राथमिकी दर्ज है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। कार्रवाई के तहत पुलिस अब तक उनके कई करीबी सहयोगियों को जेल भेज चुकी है, जबकि करीब 22 करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क की जा चुकी है।
इन सबके बीच दीप नारायण यादव ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण की अर्जी दाखिल की थी, जिस पर सोमवार की तारीख तय थी। उनके आत्मसमर्पण की संभावना को देखते हुए पुलिस दोपहर करीब एक बजे तक कोर्ट परिसर के बाहर इंतजार करती रही, लेकिन पूर्व विधायक उपस्थित नहीं हुए।
इधर, कोर्ट ने आत्मसमर्पण की अर्जी पर अब 20 दिसंबर की अगली तारीख तय कर दी है। वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी 19 दिसंबर को इस मामले में सुनवाई प्रस्तावित है।
