मेरठ | 26 सितंबर 2025
मेरठ में नर्स पर हुए एसिड अटैक मामले का खुलासा हो गया है। पुलिस ने इस वारदात के मास्टरमाइंड महेंद्र को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। घटना में इस्तेमाल एसिड एक नाबालिग से फेंकवाया गया था, जिसे भी हिरासत में ले लिया गया है।
CCTV से मिला सुराग, नाबालिग तक पहुंची पुलिस
23 सितंबर की शाम लोहियानगर टेंपो स्टैंड पर नर्स पर एसिड अटैक हुआ था। शुरुआत में पुलिस का शक नर्स की बेटी के दोस्त पर गया, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो CCTV फुटेज में एक नाबालिग संदिग्ध नज़र आया।
पूछताछ में नाबालिग ने कबूल किया कि उसे महेंद्र ने महिला पर हमला करने के लिए 2000 रुपये दिए थे। उसने कहा—“मुझे पता नहीं था कि बोतल में एसिड है। मुझे कहा गया था कि महिला परेशान कर रही है, सबक सिखाना है।”
महेंद्र ने कैसे रची साज़िश?
नाबालिग ने बताया कि घटना से दो दिन पहले महेंद्र उसे बाइक पर नर्स के घर लेकर गया। उसने महिला की तस्वीर दिखाई, उसका रोज़ाना का रूट बताया और घास में कोल्ड ड्रिंक की बोतल में एसिड छिपाकर रख दिया।
अटैक के दिन महेंद्र बाइक लेकर पास ही खड़ा रहा। नाबालिग ने बोतल उठाकर महिला पर फेंकी और दोनों वहां से भाग निकले। इस दौरान एसिड नाबालिग के हाथ पर भी गिर गया, जिसके बाद महेंद्र उसे अस्पताल ले गया।

एनकाउंटर में दबोचा गया महेंद्र
नाबालिग की निशानदेही पर पुलिस ने महेंद्र की लोकेशन ट्रेस की। जलालपुर रोड पर घेराबंदी हुई तो महेंद्र ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी और उसे दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद महेंद्र रोते हुए बोला—“मुझसे गलती हो गई, अब किसी को परेशान नहीं करूंगा।”
6 साल पुराना अफेयर बना वजह
जांच में पता चला कि महेंद्र और नर्स के बीच लगभग 6 साल पहले अफेयर था। नर्स अपने पति और तीन बच्चों के साथ महेंद्र के घर में किराए पर रहती थी। इसी दौरान दोनों करीब आए।
बाद में जब नर्स के पति को इस रिश्ते का पता चला तो उसने घर बदल लिया और पत्नी को समझाया भी। इसके बाद नर्स ने महेंद्र से दूरी बना ली। महेंद्र को यह नागवार गुज़रा। जब उसने सुना कि नर्स किसी और से बात कर रही है, तो उसने बदले की ठान ली और एसिड अटैक की योजना बना डाली।
क्यों चुना नाबालिग को?
महेंद्र को लगा कि किसी नाबालिग से वारदात कराना आसान रहेगा। पुलिस उस तक नहीं पहुंचेगी और शक भी नहीं होगा। लेकिन CCTV और पूछताछ के ज़रिए उसकी पूरी योजना बेनकाब हो गई।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
एसपी सिटी के नेतृत्व में चार टीमों ने जांच की। CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और सर्विलांस डेटा के आधार पर नाबालिग और फिर महेंद्र तक पहुंचा गया।
वर्तमान में महेंद्र अस्पताल में भर्ती है और नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। नर्स का इलाज जारी है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि जुनून और बदले की भावना इंसान को अपराध की किस हद तक धकेल सकती है।
