मेडिकल कॉलेज में नवप्रवेशित छात्र की ओर से रैगिंग की शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार को मामले की जांच शुरू कर दी गई। 15 सदस्यीय एंटी रैगिंग कमेटी ने एक-एक कर छात्रों से पूछताछ की और काउंसिलिंग सत्र को लेकर लिखित बयान भी लिए। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। कमेटी शनिवार शाम तक अपनी रिपोर्ट डीएम, एसएसपी, मंडलायुक्त और एंटी रैगिंग सेल नई दिल्ली को भेज देगी।
कॉलेज में एमबीबीएस की 150 सीटें हैं, जिनमें से 146 पर प्रवेश हो चुका है और तीसरे चरण की काउंसिलिंग जारी है। इसी दौरान एक नवप्रवेशित छात्र ने एंटी रैगिंग सेल नई दिल्ली को मेल के जरिए शिकायत भेजकर गंभीर आरोप लगाए। छात्र ने बताया कि दो दिन पहले रात आठ से नौ बजे के बीच एमबीबीएस-2023 बैच के वरिष्ठों ने उन्हें हॉस्टल में ‘बातचीत सत्र’ के लिए बुलाया। आरोप है कि उन्हें करीब दो घंटे खड़ा रखा गया, शुद्ध हिंदी में बात करने का दबाव बनाया गया और शहर के वरिष्ठों को सोशल मीडिया पर खोजकर फॉलो करने के लिए कहा गया। छात्र के मुताबिक यह सत्र मानसिक और शारीरिक रूप से कष्टदायक रहा।
शिकायत में छात्र ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की मांग की है। शिकायत मिलने पर एंटी रैगिंग सेल ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को तुरंत जांच के आदेश दिए और नवाबाद थाने को भी सूचना भेजी। मामले की गंभीरता देखते हुए शुक्रवार को एंटी रैगिंग कमेटी ने नवप्रवेशित छात्रों को बुलाकर पूछताछ की। छात्रों ने रैगिंग से इनकार किया, जिसके बाद उनसे यह बात लिखित में भी ली गई।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मयंक सिंह ने बताया कि शनिवार को जांच पूरी कर रिपोर्ट एंटी रैगिंग सेल को भेज दी जाएगी।
