झांसी। भोजला गांव में अरविंद यादव की दिनदहाड़े हत्या करने वाले आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। शनिवार देर रात सीपरी बाजार थाना पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें कुख्यात बदमाश अनिल यादव के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी कैलाश यादव को पुलिस ने जिंदा पकड़ लिया। दोनों ही आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
उनाव रोड पर हुई मुठभेड़
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, देर रात सूचना मिली कि फरार चल रहे दोनों आरोपी उनाव रोड स्थित आरी नहर पटरी के पास छिपे हुए हैं। इस पर थाना प्रभारी विनोद मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घेराबंदी की। पुलिस को देखकर दोनों बदमाश भागने लगे और फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में अनिल यादव के पैर में गोली लगी, जबकि कैलाश को घेरकर दबोच लिया गया।
घायल अनिल यादव को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से तमंचा और कारतूस भी बरामद किए हैं।
14 आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके
पुलिस अधीक्षक (सिटी) प्रीति सिंह ने बताया कि 8 सितंबर को भोजला गांव में अरविंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना उस समय हुई थी जब अरविंद अपनी पत्नी सुनीता के साथ बाइक से घर लौट रहा था। पत्नी की आंखों के सामने ही उसकी बेरहमी से हत्या की गई।
इस हत्याकांड में अब तक पुलिस 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में मिथुन, अजीत, सुरेश, अशोक यादव, संजय यादव, साजिश रचने वाले और आरोपियों की मदद करने वाले कई लोग शामिल हैं। इनमें रिंकू यादव का बेटा राजा, मिथुन की पत्नी रजनी, कुल्लू की पत्नी रेखा, राममिलन का बेटा इंद्रजीत, भमर सिंह यादव, भान सिंह और कमल सिंह तक पकड़े जा चुके हैं।
3 आरोपी अब भी फरार
हालांकि पुलिस के लिए यह मामला पूरी तरह सुलझा नहीं है। मुख्य आरोपी पूर्व प्रधान रिंकू यादव, उसके साथी राहुल और कुल्लू उर्फ अमित अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इन तीनों पर भी 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही हैं।

क्यों हुई थी हत्या?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, भोजला गांव निवासी अरविंद यादव की हत्या पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई में की गई थी। हत्या की साजिश गांव के पूर्व प्रधान रिंकू यादव ने रची थी, जिसमें कई स्थानीय लोगों ने उसका साथ दिया।
