वाराणसी:मंगलवार को वाराणसी एसटीएफ टीम ने अवैध असलहों की सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया। टीम ने घेराबंदी कर तीन कुख्यात तस्करों को सारनाथ थाना क्षेत्र के फरीदपुर रिंग रोड अंडरपास से दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद हुए।
कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम
वाराणसी एसटीएफ यूनिट को इनपुट मिला था कि पूर्वांचल में एक अपराधी को बड़ी खेप की सप्लाई होने वाली है। सूचना पर इंस्पेक्टर पुनीत परिहार के नेतृत्व में टीम ने योजना बनाई और फरीदपुर रिंग रोड अंडरपास पर जाल बिछाया।
मौके पर सबसे पहले तस्कर प्रशांत राय उर्फ जीतू पहुंचा, जिसके पास भारी मात्रा में असलहा था। थोड़ी देर बाद उसके पास दो अन्य युवक पहुंचे और हथियारों की खरीद-फरोख्त के बीच मॉडल व पिस्टल देखने लगे। तभी एसटीएफ ने दबिश दी और तीनों को मौके पर ही पकड़ लिया।
बरामदगी
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 10 अवैध पिस्टल, 15 मैगजीन, 3 मोबाइल फोन और नगदी बरामद हुई। पुलिस ने सभी को सारनाथ थाने लाकर आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया और लंबी पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में खुलासा
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी प्रशांत राय आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और उसका संपर्क पूर्वांचल व बिहार के कई बाहुबलियों से है। प्रशांत का गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर निवासी अखण्ड राय और असलहा तस्कर सुभाष पासी से गहरा संबंध है।
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प्रशांत ने पहले सुभाष पासी से 32 बोर की पिस्टल खरीदी थी।
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अखण्ड राय के जरिए प्रशांत का संपर्क मध्यप्रदेश के खण्डवा के कुख्यात असलहा तस्कर विष्णु सरदार से हुआ।
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विष्णु सरदार से असलहा खरीदकर वह गाजीपुर, पूर्वांचल के जिलों और बिहार की सीमावर्ती इलाकों में 40-50 हजार रुपये में बेचता था।
सप्लाई चेन का खुलासा
प्रशांत राय अपने साथी राहुल ठाकुर और मुकुंद प्रधान के जरिए हथियार मंगवाता था। दोनों को वह प्रति हथियार 5 हजार रुपये कमीशन देता था। टीम ने तीनों – प्रशांत राय, राहुल ठाकुर और मुकुंद प्रधान – के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया है।
एसटीएफ की अगली कार्रवाई
एसटीएफ अब गिरोह के नेटवर्क को खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यूपी और बिहार के किन जिलों में यह गैंग सक्रिय था और किस-किस बाहुबली या अपराधी तक हथियार पहुंचाए गए। साथ ही खण्डवा के तस्कर विष्णु सरदार की तलाश भी तेज कर दी गई है।
यह कार्रवाई एसटीएफ की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि हाल के दिनों में पूर्वांचल में अवैध असलहों की तस्करी लगातार बढ़ रही थी।
