झांसी की वीरभूमि हमेशा से पराक्रम और प्रेरणा का प्रतीक रही है। इसी धरती पर आज एक ऐसा नाम सेवा दे रहा है, जिसने कठिनाइयों और असफलताओं को पीछे छोड़ते हुए सफलता की नई इबारत लिखी। यह नाम है – आईजी झांसी रेंज आकाश कुलहरी।
संघर्ष से भरा बचपन
आकाश कुलहरी का बचपन चुनौतियों से भरा हुआ था। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें पढ़ाई में कमजोर मानकर स्कूल से निकाल दिया गया। बहुतों को लगा कि यह लड़का शायद आगे कुछ खास नहीं कर पाएगा। लेकिन आकाश सर ने परिस्थितियों के सामने हार मानने की बजाय, उन्हें अपनी ताकत बना लिया और मंज़िल तक पहुँचने का संकल्प लिया।
शिक्षा और UPSC की सफलता
बीकानेर के डुग्गल कॉलेज से बी.कॉम करने के बाद उन्होंने दिल्ली जाकर जेएनयू से एम.ए. की पढ़ाई की। इसी दौरान उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की। साल 2005 में उन्होंने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 273 हासिल की और 2006 बैच के साथ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल हुए।
पहली पोस्टिंग और सेवाकाल
आईपीएस बनने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग सहारनपुर में बतौर एसपी (Superintendent of Police) हुई। यहाँ उन्होंने कड़े अनुशासन और सख्त कार्यशैली से अपराध पर नकेल कसी और जनता के बीच विश्वास कायम किया।
इसके बाद उन्होंने वाराणसी, मिर्जापुर और मेरठ जैसे संवेदनशील जिलों में अपनी सेवाएँ दीं। इन क्षेत्रों में उन्होंने कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ सामुदायिक पुलिसिंग पर भी विशेष ध्यान दिया।
आकाश सर की पहचान हमेशा एक सख्त लेकिन संवेदनशील अधिकारी के रूप में रही, जो अपराधियों से सख्ती और जनता से अपनापन – दोनों का संतुलन बखूबी निभाते हैं।
वर्तमान में नेतृत्व
आज आकाश कुलहरी झांसी रेंज के आईजी (Inspector General) हैं। उनका नेतृत्व झांसी, ललितपुर और जालौन जैसे जिलों में कानून-व्यवस्था को और भी सुदृढ़ बना रहा है। वह जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हैं और उन्हें समय पर न्याय दिलाने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
अब तक की प्रमुख पोस्टिंग्स
आकाश कुलहरी सर ने अब तक उत्तर प्रदेश के कई अहम जिलों और पदों पर अपनी सेवाएँ दी हैं:
सहारनपुर – बतौर एसपी (पहली पोस्टिंग)
वाराणसी – एसएसपी
मिर्जापुर – एसपी
मेरठ – एसएसपी
लखनऊ – डीआईजी
डीजीपी मुख्यालय, उत्तर प्रदेश – आईजी (Public Grievances)
झांसी रेंज – आईजी (वर्तमान)
युवाओं के लिए संदेश
आकाश कुलहरी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि –
“सपनों को पाने के लिए कठिनाइयाँ रुकावट नहीं, बल्कि सीढ़ियाँ होती हैं।”
उनकी कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो संघर्षों से जूझ रहा है और सफलता की तलाश में है।
