सागर। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) से गुरुवार सुबह चार दिन का नवजात चोरी होने से हड़कंप मच गया। सीसीटीवी फुटेज में लाल रंग की साड़ी पहने एक महिला बच्चे को ले जाती दिखाई दी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और महज एक घंटे में 23 किलोमीटर दूर कर्रापुर गांव से बच्चे को बरामद कर लिया। इस दौरान पुलिस ने आरोपी दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, भोपाल रोड निवासी सोमती आदिवासी, पत्नी श्रीराम आदिवासी, को 8 अगस्त को प्रसव पीड़ा के चलते बीएमसी में भर्ती कराया गया था। शनिवार को उसने बेटे को जन्म दिया। गुरुवार सुबह परिवारजन वार्ड से बाहर थे, तभी एक महिला अंदर पहुंची और नवजात को उठा ले गई। जब बच्चे का पता नहीं चला तो परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी।
इस पर एसपी विकास शाहवाल और एएसपी लोकेश सिन्हा ने पूरे शहर में अलर्ट जारी कर नाकाबंदी कराई। सघन चेकिंग के दौरान जानकारी मिली कि दो महिलाएं छतरपुर जाने वाली बस में बच्चे के साथ सवार हैं। कर्रापुर चौकी प्रभारी विद्यानंद यादव ने बस को रोका और महिलाओं को गिरफ्तार कर बच्चे को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया।
घटना के दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद युवक अनिल खटीक ने वीडियो बनाने की कोशिश की तो अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने उसके साथ मारपीट कर दी।
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 1 जून 2024 को भी जिला अस्पताल से नवजात चोरी हुआ था। तब भी आरोपी महिला बच्चे को वार्ड से उठाकर ले गई थी, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सात थानों की टीम लगाकर बस स्टैंड से बच्चे को बरामद किया था।
नवीनतम मामले में बीएमसी प्रबंधन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। घटना के समय ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, बच्चे को तलाशने में अहम भूमिका निभाने वाले सुरक्षाकर्मी अमोल यादव और तेजराम अहिरवार को 15 अगस्त पर सम्मानित किया जाएगा।
डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने कहा कि “नवजात चोरी का मामला बेहद गंभीर है। जांच समिति गठित की गई है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
