आगरा। छीपीटोला स्थित एसबीआई की हाउसिंग लोन शाखा (RACPC) के वरिष्ठ क्लर्क सुरेंद्र पाल सिंह (40) दो दिन से लापता हैं। परिजनों ने बैंक अधिकारियों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। सुरेंद्र के परिजनों का कहना है कि अधिकारियों की लगातार अभद्रता और अपमान से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थे।
गुम होने से पहले सुरेंद्र ने एक पत्र छोड़ा है, जिसमें उन्होंने शाखा के AGM विक्रम कुमार और कुछ स्टाफ पर उन्हें लगातार बेइज्जत करने का आरोप लगाया है। पत्र में लिखा है कि बीमारी और दवा खाने तक को ‘ड्रामा’ कहकर मज़ाक उड़ाया जाता था।
परिजनों का बयान
सुरेंद्र के छोटे भाई मनोज पाल ने बताया कि उनका तीन महीने पहले मुख्य शाखा से RACPC में तबादला हुआ था। रीढ़ की हड्डी की गंभीर बीमारी के चलते उन्हें कमर पर सपोर्ट बेल्ट पहननी पड़ती थी और दवा भी साथ रखनी पड़ती थी। लेकिन अधिकारी इसको बीमारी का बहाना बताकर अक्सर अपमानित करते थे।
मनोज ने कहा कि 18 अगस्त को भी सुरेंद्र के साथ बैंक में अभद्रता हुई थी। इसके बाद वह सुबह 11:50 बजे बैंक से निकल गए। शाम 5:30 बजे उन्होंने अपने भांजे सचिन को बुलाकर बाइक और एक लिफाफा सौंपा। लिफाफे में लिखा पत्र मिलने के बाद से सुरेंद्र घर नहीं लौटे और उनका मोबाइल भी बंद है।
पत्र में लगाए आरोप
अपने पत्र में सुरेंद्र ने लिखा कि—
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उन्हें रोज गाली-गलौज और अपमान सहना पड़ता है।
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उनकी बीमारी को ‘नाटक’ और ‘हरामखोरी का बहाना’ कहा जाता है।
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दूरस्थ शाखा में ट्रांसफर और वेतन रोकने की धमकी दी जाती है।
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दवाइयां और बेल्ट तक लाने पर टोका जाता है।
सुरेंद्र ने लिखा कि अब वह और अपमान सहन नहीं कर सकते। जो भी होगा उसकी जिम्मेदारी AGM विक्रम कुमार की होगी।
पुलिस की कार्रवाई
एसीपी हेमंत कुमार ने बताया कि मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है। परिजनों के आरोपों की जांच की जा रही है और बैंक कर्मचारी की तलाश जारी है।
