झांसी में 80 फीट ऊंचे रावण का दहन, हजारों लोगों ने किया जय श्रीराम का उद्घोष

बुंदेलखंड दशहरा कमेटी ने भव्य आयोजन में कराया भगवान राम-रावण युद्ध का मंचन, सोने की लंका भी जलकर राख

Harsh vishwakarma
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झांसी। विजयदशमी के पावन अवसर पर झांसी में असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक रावण दहन उत्सव धूमधाम से मनाया गया। शहर के दशहरा मैदान पर बुंदेलखंड दशहरा कमेटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए। इस दौरान 80 फीट ऊंचे रावण के साथ मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। हालांकि इस बार रावण का विशाल पुतला पूरी तरह नहीं जल सका।

भगवान राम-रावण युद्ध का मंचन

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम, छोटे भाई लक्ष्मण और भक्त हनुमान के रथ पर सवार होकर युद्धभूमि में पहुंचने से हुई। दूसरी ओर अहंकार में डूबे रावण अपने भाई कुंभकर्ण और पुत्र मेघनाथ के साथ मैदान में उतरा। युद्ध का दृश्य इतना भव्य था कि मैदान में मौजूद हजारों दर्शक मंत्रमुग्ध होकर देखते रहे।

भगवान राम ने रावण को धर्म और शांति का संदेश देते हुए युद्ध से बचने की सलाह दी, लेकिन रावण अपने अहंकार में अडिग रहा। इसके बाद दोनों सेनाओं के बीच भीषण युद्ध छिड़ गया। धनुष-बाण, गदा और तलवारों की टकराहट से पूरा वातावरण गूंज उठा। अंततः भगवान राम ने एक तीर से रावण का वध कर दिया। इस दृश्य के साथ ही पुतला दहन का सिलसिला शुरू हुआ और मैदान “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा।

80 फीट ऊंचा रावण अधूरा जल सका

इस वर्ष दशहरा कमेटी ने रावण का 80 फीट, कुंभकर्ण का 70 फीट और मेघनाथ का 65 फीट ऊंचा पुतला तैयार कराया था। पुतलों को बांस के फ्रेम और कपड़े से बनाया गया था। अंदर ज्वलनशील सामग्री न होने की वजह से रावण का विशाल पुतला पूरी तरह नहीं जल पाया। आग लगने के कुछ देर बाद ही उसका ऊपरी हिस्सा बुझ गया, जिससे हजारों दर्शकों को अधूरा दृश्य देखने को मिला।

सोने की लंका भी राख हुई

कार्यक्रम में इस बार विशेष रूप से रावण का साम्राज्य भी तैयार किया गया था। सुनहरे पेपर से बनाई गई सोने की लंका ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। जैसे ही रावण का पुतला दहन हुआ, वैसे ही सोने की लंका भी धधक उठी और कुछ ही मिनटों में राख के ढेर में बदल गई। यह दृश्य रावण के अहंकार के अंत और सत्य की विजय का प्रतीक बन गया।

एसएसपी ने पत्नी संग उतारी आरती

दहन के बाद भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान मंच पर विराजमान हुए। इस मौके पर झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने अपनी पत्नी के साथ भगवान राम और लक्ष्मण की आरती उतारी और आशीर्वाद लिया। इस दृश्य ने श्रद्धालुओं के मन को भावविभोर कर दिया।

मंच पर सत्ता-विपक्ष और व्यापारी भी आए साथ

कार्यक्रम में राजनीति और समाज जगत से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक की मौजूदगी देखने को मिली। मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह पहुंचे। उनके साथ सांसद अनुराग शर्मा, विधायक रवि शर्मा, एमएलसी रमा निरंजन, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव समेत कई राजनीतिक दिग्गज एक ही मंच पर नजर आए।
इसके अलावा व्यापारी संगठन के प्रतिनिधि, बसपा और भाजपा नेताओं के साथ झांसी के मेयर बिहारी लाल आर्य भी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन का संयोजन व्यापारी नेता राजीव राय ने किया, जबकि कमान बुंदेलखंड दशहरा कमेटी के अध्यक्ष अशोक जैन ने संभाली।

आतिशबाज़ी से रोशन हुआ पूरा आसमान

आतिशबाजी से गूंजा आसमान

कार्यक्रम के अंत में दशहरा कमेटी ने शानदार आतिशबाजी का आयोजन किया। झांसी और महोबा के आतिशबाजों ने रंग-बिरंगी रोशनी से आसमान को जगमग कर दिया। आतिशबाजी की चमक के बीच भक्तों ने “जय श्रीराम” के उद्घोष के साथ विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया।

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