हिमालयीय क्षेत्रों से लगातार आ रही ठंडी हवा के कारण प्रदेश में रात का पारा तेजी से नीचे जा रहा है। देर रात और सुबह के समय सिहरन बढ़ गई है, हालांकि दिन के समय खिली धूप लोगों को ठंड से राहत दे रही है। मगर सूरज ढलते ही एक बार फिर ठंड अपना असर दिखाने लगती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में कोई भी सक्रिय मौसम तंत्र नहीं है। पश्चिमी हिमालय से बहकर आ रही ठंडी हवाएं ही तापमान गिरने का मुख्य कारण हैं। आने वाले दो से तीन दिनों में मौसम में किसी बड़े परिवर्तन की संभावना नहीं है, लेकिन देर रात व भोर के समय आंशिक शीतलहर की स्थिति बन सकती है। दिन में धूप खिलने के कारण इसका असर कम हो जाएगा।
मौसम केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.9 डिग्री कम दर्ज किया गया।
