आज दिनांक 25.08.2025 को कुछ सूत्रीय चिकित्सा व्यवस्था, कृषि संकट, रोजगार, छात्रसंघ चुनाव व व्यापारी आदि की समस्याओं को लेकर छात्र नेताओं द्वारा अशोक लाट तिराहे में एकदिवसीय धरना देकर प्रदर्शन करते हुये आक्रोशित छात्र व छात्रओं द्वारा पैदल मार्च करते हुये मुख्यमंत्री जी एवं जिम्मेदार विभागों के मंत्रियों को सम्बोधित ज्ञापन कमिश्नर द्वारा सौंपा गया। इस मौके पर छात्र नेता उ०प्र० स्टूडेन्ट यूनियन के छात्र नेता शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने कहा कि बांदा जिले में प्रशासनिक अधिकारियों ने निजी संस्थानों से सांठ-गांठ कर पैसों का बंदर बांट कर रखा है व मेडिकल कॉलेज बांदा में डॉक्टरों द्वारा भ्रष्टाचार चरम में फैला रखा है जो कि पूर्णतया अवैध है। दूसरी तरफ बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के छात्र नेता लव सिन्हा (एडवोकेट) ने कहा कि प्रदेश में छात्र संघ चुनाव बहाल किये जाये व बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय में फैली परीक्षा परिणाम में अव्यवस्था व भ्रष्टाचार में अंकुश लगाया जाये। छात्र नेता देवेश कुमार मोनू ने कहा कि मेडिकल कालेजों में दलित मरीजों के साथ अन्याय हो रहा है और कई जगह आरक्षण के साथ छेडछाड की जा रही है। छात्र नेता यशराज गुप्ता ने कहा कि बांदा की बाजारों में बेहद अव्यवस्था फैली हुई है जिसकों सुचारु रुप से सुधार कर आगे बढ़ाने का काम करें। विधि छात्र नेता साजिद अली व दीपक गुप्ता ने कहा कि रोजगार के अवसर तलासने के लिये बांदा के छात्र धक्के खाते फिर रहे है जिसके लिये फैक्ट्री स्थापित कर रोजगार के अवसर प्रदान करें। वहीं कई संगठनों एवं वरिष्ठ पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं द्वारा छात्रों की इन मांगों का अपना समर्थन दिया गया जिसमें भा०ज०पा० नेता अभय प्रताप सिंह (प्रिंस), एन०एस०यू०आई० के प्रदेश महा सचिव शैलेन्द्र पटेल, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्र नेता नन्ना तिवारी, बुन्देलखण्ड किसान यूनियन राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल शर्मा, भा०ज०पा० के जिला कार्यकारिणी सदस्य बाबूराम निषाद, समाजसेवी राहुल सिंह महोखर, अतर्रा महाविद्यालय के छात्र नेता विकास दीक्षित और आदित्य त्रिवेदी का समर्थन प्राप्त हुआ। इस मौके पर छात्र नेता लव सिन्हा, शैलेन्द्र कुमार वर्मा, यशराज गुप्ता, देवेश कुमार मोनू, दीपक गुप्ता, साजिद अली, बाबूराम निषाद, आमिर खान, योगेन्द्र पाल, हरिओम सिंह, राहुल सिंह महोखर, अमित यादव, शिवलखन सिंह, पंकज खरे, प्रिंस शिवहरे, सुन्दरम सिंह, अमित तिवारी, शक्ति प्रताप सिंह,गोलू राय, आकाश कोष्ठा, राहुल सागर, अविनाश निगम लाला, गोविन्द खत्री, रजत अग्रवाल, शिवम शुक्ला, विक्रम सिंह, नितेश सोनी, विकास दीक्षित, आदित्य त्रिवेदी, जीतू तिवारी, अंकित तिवारी, श्रवण सिंह, आशीष वर्मा, धर्मेन्द्र गुप्ता, विकास सविता, सुभाष देव, शोभित गुप्ता, विष्णु चौरसिया, सुमित कुमार, अनुराग गुप्ता, अतुल कुमार, मुस्ताक अहमद, खालिद खान, कुलदीप नामदेव, सुमित नामदेव, अटल द्विवेदी, शिवा शुक्ला, सतीश, विशाल, प्रवीन, मो० मुजीब, आदि छात्र मौजूद रहें।

मांगे कुछ निम्न प्रकार की गयी जो निम्नलिखित है-
निम्न समस्याएँ एवं माँगें बिंदुगत निम्लिखित हैं-
रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल बाँदा दोनों ही सरकारी संस्थान होने के बावजूद भी निजी अस्पताल जैसे संचालित डॉक्टरों, कर्मचारियों द्वारा बाहरी मेडिकल और प्राइवेट अस्पतालों से सांठ गांठ कर कमीशनखोरी बड़े स्तर पर जारी है
मेडिकल कॉलेज बांदा में इलाज के नाम पर ऑपरेशन एवं दवाओं में मनमाना अवैध धन वसूला जा रहा है जिसकी पूर्व में कई शिकायतें की जा चुकीं है।
विभागों में दवाओं व इंजेक्शनों की आपूर्ति है सीनियर डॉक्टर अपने कर्तव्यों से बचते हुए प्राइवेट अस्पताओं में प्रैक्टिस करने जाते हैं एवं अवैध मोटी कमाई कर रहे है।
कुछ डाक्टर व कर्मचारिय गरीब व वंचित वर्ग के किसी मरीज को गंभीर बीमारी होने पे न तो समुचित उपचार देते है और न ही आवश्यक दवाएँ बल्कि कठोर भाषा में बात कर डरा के भगा देते है इस भ्रष्टाचार एवं अव्यवस्था की उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए।
मेडिकल कॉलेज में सीसीटीवी की व्यवस्था हर वार्ड में कराई जाए व वातानुकूलित वार्डो की संख्या बढ़ाई जाए ।
मेडिकल कॉलेज बांदा में कुछ डॉक्टरों की भर्ती आरक्षण को दरकिनार करते हुए गलत तरीके से हुई है जो दलित वर्ग के साथ अन्याय है जिसमें डेंटल विभाग के एक डॉक्टर भी संग्लित है जिसकी उच्च स्तरीय जांच कर आरक्षण को मद्दे नजर रखते हुए दुबारा भर्ती की जाए व जांच की जाये।
शारीरिक जांच हेतु आधुनिक उपकरणों व एडवांस मशीनों की पूर्ण उपलब्धता नहीं है जिसे जल्द पूर्ति करा के लैबों की क्षमता बढ़ाई जाए जिससे जल्द जांचे हो सके।
मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल में स्थापित लैब जांच में एक ही दिन ने सभी जांचों की व्यवस्था स्थापित हो जिससे मरीज को बड़ी रकम ना दे के बाहर जांच करवानी पडे
मेडिकल कॉलेज में विभिन्न 2 प्रकार की दवाई उपलब्ध नहीं है कुछ ही दवाई उपलब्ध हो पाती हैं जिन्हें उपलब्ध कराया जाए जितनी दावा प्रस्तावित है।

मेडिकल कॉलेज, बांदा में कई विभागों में डॉक्टरों व कर्मचारियों की आपूर्ति है व जो डॉक्टर है वो भी ओ.पी.डी में कम समय देते है उनकी जगह पे जूनियर डॉक्टर ही मरीजों को देखते सुनते है जो पूर्णतः नियम विरुद्ध है ओ.पी.डी में बैठने की समय सीमा बढ़ाई जाए व इमरजेंसी में सीनियर डॉक्टरों की देख रेख में ही मात्र इलाज हो।
मरीज को बिना कोई प्राथमिक बड़ा इलाज दिए तत्काल रेफर करने का तरीका मरीजों के लिए जानलेवा है इसमें सुधार कर यही पे बेहतर इलाज की व्यवस्था उपलब्ध हो।
बिना विज्ञापन व पात्रता कई डॉक्टरों की नियुक्ति हुआ है डेंटल विभाग में अनुभवहीन डॉक्टर द्वारा फर्जीवाड़ा चल रहा है जिसकी जांच हो ।
डेंटल विभाग ने पर्ची शुल्क आरएस68 की जगह आरएस268 वसूली की जा रही जिसकी जांच जरूरी।
कई प्रकार के कैंसर बीमारी हेतु कोई प्राथमिक उपचार नहीं जिसके लिए कैंसर डिपार्टमेंट को सुचारू रूप से चालू किया जाए।
हृदय रोग के मरीज के लिए कोई उचित उपचार नहीं रेफर कर कानपुर, दिल्ली व आदि जगह भागना पड़ता है जिसके ऑपरेशन एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था मेडिकल कॉलेज में स्थापित की जाए।
ऑर्थोपेडिक विभाग व अन्य विभागों में ऑपरेशन के नाम पर अवैध वसूली, लापरवाही व डॉक्टरों द्वारा प्राइवेट अस्पताओं में ऑपरेशन करने की सलाह देना इसपर अंकुश लगे।
रानी गुप्ता (बरछा डढ़िया, फतेहगंज) से इलाज न कर आरएस45,000 निजी ऑपरेशन का प्रस्ताय ।
सत्यप्रकाश पुत्र रजवा (मर्दननाका, बाँदा) से पैर के ऑपरेशन में आरएस20,000 की अवैध वसूली व 15 दिन अनावश्यक विलंब जिससे प्रार्थी को असहनीय पीड़ा झेलनी पड़ी
मोना खां पत्नी अनीश खान (मर्दननाका, बाँदा) के बच्चे का हाथ गलत प्लास्टर कर टेढ़ा कर दिया और कहा गया कि बड़े होने पर ठीक हो जाएगा।
महीनों से बंद कई लिफ्टें, हेल्पलाइन न होना, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का बकाया वेतन, दवाओं की आपूर्ति, डॉक्टरों द्वारा मरीजों को बाहरी दावा लिखना जल्द बंद हो।
जिला अस्पताल बांदा में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा एन०आर०सी० व ई०एम०ओ० से पैसा लेकर अस्पताल में कक्ष आवंटित किये जाते है व जो वाकय में पात्र डॉक्टर है उन्हें अनदेखा किया जाता है।

किसानों की निम्न समस्याएं बिंदुगत-
बारिश व बाढ़ से पीड़ित किसानों की खराब हुई फसलों के सर्वे और मुआवजे की माग।
बुन्देलखण्ड के किसानों का खेती करने हेतु लिए गए संपूर्ण कर्ज को माफ किया जाए।
बुंदेलखंड के किसानों के लिए तत्काल खाद की उपलब्धता बढ़ाई जाए जिसे किसानों को दिन रात खाद प्राप्त करने हेतु लंबी कतारों में ना खड़ा होना पड़े व खाद्य. कीटनाशक आदि की कालाबाजारी भी बंद की जाए।
छात्रों के निम्न समस्या बिंदुगत
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी व उत्तर प्रदेश में कई राज्य एवं केंद्रीय विश्वविद्यालयों में वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जा रहे जिन्हें जल्द बहाल कराया जाए छात्रसंघ सुचारु रूप से पुनः कराए जाए।
बुंदेलखंड विश्विद्यालय द्वारा प्राप्त परीक्षा परिणाम में जिन छात्रों की बैक पेपर पास करने के बावजूद भी रिजल्ट में आर.डी लिखकर आया है उसमें विश्वविद्यालय स्वत संज्ञान लेकर अगले 5 दिनों में सुधार करने का कार्य करें और आगे भी जिन परीक्षा परिणाम में आर. डी लिखकर आए उसे एक दिन में ही ऑनलाइन सुधार करने का काम करे साथ ही ऑनलाइन शिकायत पर तुरंत कार्य करे जिससे दूर दराज के छात्रों को सामान्य सी समस्या पर विश्वविद्यालय के चक्कर न काटने पड़े।
बुंदेलखंड विश्विद्यालय में जल्द सभी सेमेस्टर के लिए स्पेशल बैंक की परीक्षा तत्काल करवाई जाए जिससे आखिरी सेमेस्टर में जिनकी बैंक लगी है वह जल्द से जल्द उत्तीर्ण कर अपनी मार्कशीट व डिग्री प्राप्त कर सके।
बांदा में बेहतर शिक्षा व्यवस्था हेतु राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना कराई जाए जिसमें विभिन्न प्रकार के कोसों का संचालन हो सके।
व्यापारियों व कुछ निम्न मांग-
मुख्य बाजारों में बैटरी रिक्शा का अनियंत्रित आवागमन होने से आए दिन जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। अतः बाजार क्षेत्र में बैटरी रिक्शा का आवागमन वर्जित किया जाए।
बांदा के औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी फैक्ट्रियां स्थापित कर रोजगार के अवसर छात्रों के लिए खोले जाए।
रेहड़ी-पटरी वालों द्वारा मार्ग अवरुद्ध करने से व्यापारिक गतिविधियाँ प्रभावित होती हैं। इन्हें मुख्य बाजार से हटाकर किसी उपयुक्त वैकल्पिक स्थान पर व्यवस्थित किया जाए।
बाजार क्षेत्र की सड़क, सौंदरीकरण, सफाई, बिजली व सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
अतः आपसे निवेदन है कि सभी बिंदुओं पर उचित जांच कर भ्रष्टाचार एवं अव्यवस्थाओं से मुक्त कराने हेतु समस्याओं से निवारण कराने का कष्ट करें अन्यथा छात्र-छात्राएं एवं छात्र संघ के नेता अंशन करने व आमरण अंशन करने के लिये बाध्य होगें।
प्रतिलिपि-
माननीय राजपाल महोदया उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ (उ.प्र)
माननीय उपमुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ, उत्तर प्रदेश
माननीय उच्च शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ, उत्तर प्रदेश
माननीय औद्योगिक एवं रोजगार मंत्री उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ (उ.प्र)
माननीय कृषि मंत्री उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ, उत्तर प्रदेश
मां. जिलाधिकारी बांदा (उ. प्र)
दिनांक-25.08.2025
समस्त छात्र/छात्राएं
एवं छात्र संघ नेता, बांदा
