झांसी जिले के लहचूरा थाना क्षेत्र के चकारा गांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दादा ने अपने 8 साल के पोते की सिर्फ 100 रुपए के शक में गला घोंटकर हत्या कर दी।
मृतक बच्चे का नाम मुकेश (8) है, जो गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। शनिवार को जब वह स्कूल नहीं गया, तब यह दर्दनाक वारदात हुई।
🔹 ऐसे हुआ पूरा घटनाक्रम
दादा सरमन कुशवाहा के 100 रुपए घर से गायब हो गए थे। उसे शक था कि पैसे पोते ने ही उठाए हैं। शनिवार को जब उसने मुकेश को डांटा, तो बच्चे ने जवाब दिया। इसी बात पर गुस्से में आकर दादा ने उसका गला घोंट दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद डर के मारे आरोपी दादा ने शव को घर के भूसे वाले कमरे में छिपा दिया और बकरियां चराने खेत पर चला गया।
🔹 8 घंटे तक करता रहा ड्रामा
वह शाम को घर लौटा तो परिवार वालों के साथ पोते की तलाश का नाटक करने लगा। यहां तक कि पुलिस के साथ भी बच्चे को खोजता रहा।
लेकिन जब घर की तलाशी ली गई, तो भूसे के कमरे से मुकेश का शव बरामद हुआ।
पोते की लाश देखकर दादा के चेहरे पर न कोई आंसू थे, न कोई शिकन। यहीं से पुलिस को शक हुआ। जब ग्रामीणों ने बताया कि वह खेत पर देर से गया था, तो पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की और वह टूट गया।

🔹 आरोपी दादा का कबूलनामा
पूछताछ में सरमन ने बताया —
“मेरी बहू चंद्रमुखी अक्सर मेरी पत्नी से झगड़ा करती थी। उसका बेटा यानी मेरा पोता मुकेश भी घर का सामान अपनी मां को दे देता था। उस दिन भी 100 रुपए गायब हुए थे। जब मैंने पूछा तो वो जवाब देने लगा। गुस्से में मैंने उसका गला दबा दिया। मरते देख डर गया और लाश को भूसे में छुपा दिया।”
🔹 मासूम था इकलौता बेटा
मुकेश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उससे बड़ी एक बहन है।
जब परिवार को पता चला कि दादा ने ही अपने इकलौते पोते की जान ली, तो गांव में मातम पसर गया।
🔹 पुलिस की कार्रवाई
थाना प्रभारी सरिता मिश्रा ने बताया कि आरोपी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी दादा को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
घटना स्थल: चकारा गांव, थाना लहचूरा, झांसी
दिनांक: शनिवार
जांच अधिकारी: सरिता मिश्रा, थाना प्रभारी लहचूरा

