विद्यार्थियों ने की ऊनी चादर, शाल और सजावटी झोलों की खरीदारी

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे हस्तशिल्प मेले में उमड़ी भीड़, युवाओं के आकर्षण का केंद्र बने चमड़े के उत्पाद और आर्टिफिशियल ज्वेलरी

Shivansh Jha
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित हस्तशिल्प मेले के छठवें दिन शनिवार को विद्यार्थियों ने जमकर खरीदारी की। मेले में विशेष रूप से ऊनी चादर, शाल, सजावटी झोले, बेल्ट और बैग छात्रों व युवाओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। शिक्षकों ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन कर हस्तशिल्पियों का उत्साहवर्धन किया।

यह दस दिवसीय थीमेटिक एक्जिबिशन 2025 भारत सरकार के बुंदेलखंड मेगा क्लस्टर प्रोजेक्ट के तहत, उत्तर प्रदेश राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास निगम लिमिटेड, लखनऊ के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। मेला 24 सितंबर 2025 तक विश्वविद्यालय के पत्रकारिता संस्थान के सामने चलेगा।

इस मेले में बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों से आए हस्तशिल्पियों ने कारपेट, दरी, जरी-जरदोजी, चमड़े के उत्पाद, सॉफ्ट टॉयज, चितेरी आर्ट, चंदेरी एंब्रायडरी, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, पेपर वर्क और कागज से बने सामान की प्रदर्शनी लगाई है। मेला संयोजक व ललित कला संस्थान के शिक्षक दिलीप कुमार ने बताया कि प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक मेले में खरीदारी की जा सकती है।

शनिवार को ज्यादातर युवा चमड़े के बेल्ट, पर्स, ऊनी चादर, शाल और कांच के खिलौनों के स्टॉल पर खरीददारी करते नजर आए।

इस अवसर पर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के समन्वयक डॉ. कौशल त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार एवं शिक्षक उमेश शुक्ल, डॉ. राघवेन्द्र दीक्षित, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. ब्रजेश सिंह परिहार, डॉ. संतोष कुमार, शंभूनाथ घोष सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। वहीं उत्तर प्रदेश राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास निगम लिमिटेड, लखनऊ से अहमद नवील, सैयद जफर हुसैन, अतीत विजय, मुकेश कर्दम, कमलेश कुमार और वीरेंद्र कुमार अहिरवार ने भी हस्तशिल्पियों का उत्साह बढ़ाया।

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