झांसी में हिस्ट्रीशीटर का एनकाउंटर, बेटे ने किया सरेंडर

फौजी से मारपीट के आरोप में फरार चल रहे पिता-पुत्र अब पुलिस की गिरफ्त में

Harsh vishwakarma
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झांसी पुलिस ने रविवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात हिस्ट्रीशीटर फिरोज उर्फ जंगी को मुठभेड़ में पकड़ लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में जंगी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वहीं उसका बेटा आशिक पुलिस के सामने सरेंडर कर चुका है। दोनों ही एक महीने से पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे और रिटायर्ड फौजी से मारपीट की घटना के बाद से पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी।

मुठभेड़ की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए।

कैसे हुआ एनकाउंटर?

रविवार देर रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हिस्ट्रीशीटर जंगी और उसका बेटा आशिक बाइक से भगवंतपुरा गांव की तरफ जाने वाले हैं। सूचना मिलते ही स्वाट टीम प्रभारी जितेंद्र तक्खर और सदर थानाध्यक्ष प्रकाश सिंह अपनी टीम के साथ इलाके में घेराबंदी करने पहुंच गए। पुलिस ने जब पिता-पुत्र को रुकने का इशारा किया तो वे बाइक मोड़कर जंगल की ओर भागने लगे। इसी दौरान उनकी बाइक फिसलकर गिर गई।

बाइक से गिरने के बाद जंगी ने खुद को बचाने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें जंगी के पैर में गोली लग गई। घायल जंगी को तुरंत मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहीं उसका बेटा आशिक मौके पर ही पुलिस के सामने सरेंडर कर गया।

क्यों कर रही थी पुलिस तलाश?

9 अगस्त को झांसी के भट्‌टागांव निवासी रिटायर्ड फौजी वीरभूषण सिंह के साथ हिस्ट्रीशीटर जंगी, उसके बेटे आशिक और दूसरे बेटे ने मारपीट की थी। दरअसल, उस दिन वीरभूषण सिंह स्कूटी से चौराहे पर पहुंचे थे, तभी ऑटो चलाकर आया आशिक गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर उसने अपने पिता जंगी और भाई को बुला लिया। तीनों ने मिलकर फौजी को बुरी तरह पीटा था। इस घटना के बाद से ही पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी और 4 सितंबर को इस मामले में केस दर्ज किया गया था।

जंगी पर पहले से ही दर्ज हैं कई मुकदमे

एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जंगी पर पहले से ही 20 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। इनमें जानलेवा हमला, एनडीपीएस एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं के केस शामिल हैं। वह सदर बाजार थाने का हिस्ट्रीशीटर है।

पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर जंगी और उसके बेटे आशिक के खिलाफ पुलिस टीम पर हमला करने का भी नया मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि तीसरे आरोपी की तलाश भी जारी है और उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

इलाके में दहशत और राहत दोनों

इस मुठभेड़ के बाद जहां इलाके में कुछ देर तक तनाव और दहशत का माहौल रहा, वहीं लोगों ने राहत की सांस भी ली है। लोगों का कहना है कि ऐसे अपराधियों पर पुलिस की कार्रवाई से कानून व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है।

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