गाजियाबाद में ‘प्लॉट’ कोड से नवजातों की तस्करी का खुलासा, 4 घंटे में मासूम सुरक्षित
गाजियाबाद के थाना ट्रोनिका सिटी में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय नवजात तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह सौदेबाज़ी के लिए अजीबोगरीब कोडवर्ड—“प्लॉट”—का इस्तेमाल करता था।
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पुलिस ने तेज़ कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े दो पुरुष और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया, जबकि अपहृत मासूम को मात्र चार घंटे में सुरक्षित उसके माता-पिता तक पहुंचा दिया गया।
‘नया प्लॉट आया है’—ऐसे होता था सौदा
जांच में खुलासा हुआ कि जब भी कोई नवजात बेचना होता, गिरोह आपस में कहता—“नया प्लॉट आया है”। इसके बाद बच्चे की तस्वीर भेजी जाती और त्वचा का रंग, लिंग और उम्र के हिसाब से कीमत तय होती थी।
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गोरी त्वचा वाले बच्चों की कीमत: ₹1.5–2.5 लाख
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सांवली त्वचा वाले बच्चों की कीमत: कम दाम पर
पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

