झांसी के बबीना थाना क्षेत्र के गांव हीरापुर में 11वीं की छात्रा अंशिका विश्वकर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। कोचिंग से घर लौटने के बाद उसने घर की दुकान से नमकीन खाया था। इसके कुछ ही मिनटों बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
ऐसे बिगड़ी तबीयत
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नमकीन खाने के बाद अंशिका कमरे में जाकर लेट गई।
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कुछ ही देर में उसने मां को आवाज देकर कहा कि आंखों के सामने अंधेरा छा रहा है।
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उसके मुंह से झाग भी निकलने लगे।
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घबराए परिजन पहले पास के एक जादू-टोना करने वाले को बुला लाए, जिसने उसे भभूत दी। थोड़ी देर तक वह परिवार को पहचानने लगी, लेकिन हालत लगातार खराब होती गई।
अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा
पिता महेंद्र विश्वकर्मा, जो पेशे से ड्राइवर हैं, बेटी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबीना लेकर पहुंचे। वहां से उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। लेकिन मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही, रास्ते में एम्बुलेंस में उसने दम तोड़ दिया। पूरी घटना करीब 25 मिनट में घटित हो गई।
परिवार की आशंका
परिजनों को अंशिका की मौत का कारण समझ नहीं आ रहा। वे आशंका जता रहे हैं कि हो सकता है कोचिंग से लौटते समय झाड़ियों से भरे रास्ते में किसी जहरीले जीव (जैसे सांप) ने काट लिया हो, और उसे इसका अहसास न हुआ हो।
पुलिस की जांच
फिलहाल पुलिस ने कहा है कि परिजनों की ओर से कोई संदेहास्पद बात सामने नहीं आई है। छात्रा की मौत का सही कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
