झांसी में पद्मश्री मालिनी अवस्थी का उद्बोधन: “लोकगीतों पर हो रिसर्च, यही हमारी असली पहचान”
मैथिलीशरण गुप्त जयंती पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
जब आस्था बहती है, तो जल नहीं—श्रद्धा पहुँचती है शिव तक!
"बोल बम के नारों संग निकली भक्ति की धारा!"
