बहराइच में फिर लौटा आदमखोर भेड़िया, मां की गोद से 3 महीने की मासूम छीन ले गया

8 घंटे में दो बच्चों की जान गई, पिछले साल 9 लोगों को नोच चुका।

Harsh vishwakarma
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उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में आदमखोर भेड़िए का आतंक एक बार फिर लौट आया है। शुक्रवार तड़के बौंडी थाना क्षेत्र के भौंरी बहोरवा गांव में भेड़िए ने मां की गोद से तीन महीने की बच्ची संध्या को जबड़े में दबोच लिया और खेतों की ओर भाग गया। परिजनों ने शोर मचाया, पिता लाठी लेकर उसके पीछे दौड़े, लेकिन घुप अंधेरे का फायदा उठाकर भेड़िया खेतों में गायब हो गया।

करीब तीन घंटे की तलाश के बाद सुबह 6 बजे गांव से 600 मीटर दूर गन्ने के खेत में बच्ची का शव मिला। भेड़िए ने उसका पूरा शरीर खा लिया था। केवल गेंद के आकार की खोपड़ी और हाथ का ब्रेसलेट ही पास में पड़े मिले। इन्हीं से बच्ची की पहचान हो सकी। यह दृश्य देखकर मां-पिता बेसुध हो गए।

मृतक बच्ची की बिलखती माँ।

मां-पिता का दर्द

बच्ची की मां रानी ने रोते हुए कहा –
“बेटी ने अभी खाना खत्म ही किया था कि अचानक भेड़िया आ गया। उसने बेटी को जबड़े में दबोचा और भाग निकला। हम लाठी लेकर उसके पीछे दौड़े, लेकिन कुछ नहीं कर सके। मेरी बेटी मुझे छोड़कर चली गई।”

पिता दिनेश तिवारी ने बताया कि खेत में मिली खोपड़ी से पहचान कर पाना मुश्किल था। “पास में बेटी का हाथ का ब्रेसलेट और कपड़े पड़े थे। इन्हीं से हमें यकीन हुआ कि यह हमारी संध्या है।”

48 घंटे में दो बच्चों की मौत

यह वारदात महज दो दिन पहले हुई एक और घटना की गूंज को और तेज कर गई है। बुधवार को कैसरगंज इलाके में भेड़िए ने 7 साल की बच्ची को मार डाला था। उस बच्ची का शव भी घर से करीब 800 मीटर दूर खेत में मिला था। दोनों घटनाओं की दूरी लगभग 8 किलोमीटर है।

वन विभाग की पुष्टि और कार्रवाई

प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) राम सिंह यादव ने बताया –
“हमले के पैटर्न और मौके पर मिले पगचिह्न भेड़िए के हैं। इलाके में गश्त बढ़ाई गई है। पिंजरे लगाए जाएंगे और ड्रोन से निगरानी की जाएगी। लोगों से अपील है कि बच्चे खेतों और सुनसान जगहों पर अकेले न जाएं।”

रात में बच्ची की तलाश करते गांव के लोग।

गांव में दहशत का माहौल

लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीण खौफजदा हैं। गांव के लोगों ने कहा कि जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधि से वे भय में जी रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग तुरंत ऐसे आदमखोर भेड़ियों को पकड़े, वरना और परिवार उजड़ सकते हैं।

पिछले साल भी मच चुका है हाहाकार

यह कोई पहली बार नहीं है जब बहराइच में भेड़ियों ने दहशत फैलाई हो। जुलाई से सितंबर 2024 के बीच महसी तहसील में भेड़ियों के हमलों में 9 लोगों की मौत और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। तब वन विभाग ने विशेष अभियान चलाकर 6 भेड़िए पकड़े थे। सालभर बाद फिर उसी तरह की वारदातें शुरू हो गई हैं, जिससे लोगों की नींद उड़ गई है।

प्रशासन का आश्वासन

घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम अखिलेश सिंह और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया गया। जांच-पड़ताल जारी है और इलाके में चौकसी कड़ी कर दी गई है।

यह पूरी घटना न सिर्फ बहराइच बल्कि पूरे प्रदेश के लिए चिंता का विषय है। सवाल यह है कि पिछले साल की घटनाओं के बाद भी आदमखोर भेड़ियों पर पूरी तरह काबू क्यों नहीं पाया जा सका।

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